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गौतम मौर्या हत्याकांड के आरोपियों के मकानों पर चला बुलडोजर, कार्रवाई से पहले छलका परिवार का दर्द

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मृतक के माता-पिता ने सीएम से मिलकर की थी सख्त कार्रवाई की मांग, भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण

आरिफ सिद्दीकी,अमर दीप शुक्ला

कांट, शाहजहांपुर। 31 जुलाई की रात हुए चर्चित गौतम मौर्या हत्याकांड के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। थाना क्षेत्र में हत्याकांड के आरोपियों के बताए जा रहे मकानों पर प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पीएसी के जवान तैनात रहे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पहले मकानों को खाली कराया गया, इसके बाद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

गौतम मौर्या की हत्या के बाद से ही परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मृतक के माता-पिता ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। परिजनों ने आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले में कार्रवाई की तैयारी शुरू की।


31 जुलाई की रात चाकू से गोदकर हुई थी गौतम की हत्या

गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात गौतम मौर्या की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना को लेकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हत्या के बाद से ही मृतक के परिजन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़े थे।

गुरुवार को प्रशासन की टीम जब आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर लेकर पहुंची तो सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में मकान खाली कराने की प्रक्रिया पूरी कराई गई और इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई।

‘मकान न गिराते, समीर को सजा देते... अब बच्चों को लेकर कहां जाएं?’

बुलडोजर कार्रवाई शुरू होने से पहले मकान खाली कराए जाने के दौरान परिवार की एक महिला का दर्द छलक पड़ा। महिला रोते हुए प्रशासन से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाती नजर आई। उसका कहना था कि मकान में करीब पांच लोग रहते हैं और उनका परिवार लगभग 80 वर्षों से इसी मकान में रह रहा है।

महिला ने बताया कि परिवार लंबे समय से यहां रह रहा है और मकान का नियमित रूप से टैक्स भी जमा करता रहा है। ऐसे में अचानक मकान पर बुलडोजर चलने से परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।

रोते हुए महिला ने कहा, “मकान न गिराते, समीर को सजा देते।” महिला का कहना था कि यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन मकान गिराए जाने से परिवार के दूसरे सदस्यों और बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।


‘घर टूटने के बाद बच्चों को लेकर कहां जाएं?’

महिला ने भावुक होकर कहा कि मकान टूटने के बाद वह अपने बच्चों और परिवार को लेकर कहां जाएगी। उसके मुताबिक घर केवल ईंट और सीमेंट की इमारत नहीं है, बल्कि परिवार की वर्षों की मेहनत और बच्चों की यादें भी इसी घर से जुड़ी हैं।

महिला ने बताया कि परिवार में बच्चे और लड़कियां भी हैं। ऐसे में मकान टूटने के बाद उनके सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि कार्रवाई करते समय परिवार की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाए और बच्चों के रहने की व्यवस्था को लेकर कोई रास्ता निकाला जाए।

अन्य आरोपियों पर भी समान कार्रवाई की मांग

महिला ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं तो उनके खिलाफ भी समान कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से किसी के साथ भेदभाव नहीं करने और सभी संबंधित लोगों के खिलाफ एक जैसी कार्रवाई करने की मांग की।

परिवार का कहना है कि वर्षों से जिस मकान में वे रह रहे हैं, उसे गिराए जाने से वे अचानक बेघर होने की स्थिति में पहुंच जाएंगे। महिला ने प्रशासन से कम से कम बच्चों और परिवार की स्थिति को देखते हुए मानवीय आधार पर विचार करने की गुहार लगाई।

ध्वस्तीकरण को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई को देखते हुए मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कई थानों की पुलिस के अलावा पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया। अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई कराई गई, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई स्थल से दूर रखा और मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की। प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कार्रवाई ने पकड़ी रफ्तार

गौतम मौर्या हत्याकांड के बाद मृतक के परिजन लगातार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भी उन्होंने अपनी पीड़ा बताई थी और आरोपियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की थी।

अब जिला प्रशासन की ओर से आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई किए जाने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवार की महिला के रोते हुए सामने आने के बाद ध्वस्तीकरण के बाद परिवार के रहने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।

फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। प्रभावित परिवार की ओर से उठाई गई रहने की समस्या और लगाए गए आरोपों पर प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।

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